पशु बलि प्रथा
प्राचीन समय में देवताओं को प्रसन्न करने के लिए पशु बलि देने की प्रथा प्रचलन में आई |पर क्या पशु बलि हिन्दू धर्म प्रथा का मूल हिन्दू धर्म है | इस सवाल का उत्तर नहीं है |सभी वेदों में पशु की बलि देने की बात की भी निंदा की गयी है |हकीकत में हिन्दू धर्म में कई लोक परमपराओं की धाराएं जुडती रही और उन्ही का नतीजा है की पशु बलि इतनी प्रचलन में आ गयी |पशु बलि प्रथा के संबंध में पंडित श्रीराम शर्मा की किताब 'पशुबलि : हिन्दू धर्म और मानव सभ्यता पर एक कलंक' में लिखा है