वीर गरुड़

पुराणों में गरुड़ के महारथ के कई किस्से मोजूद हैं |कृषि कश्यप की दो पत्नियाँ थी जो आपस में काफी द्वेष रखती थी |विनीता और कुद्रू नाम की उनकी पत्नियाँ ने कश्यप से बलशाली पुत्रो की मांग की |जहाँ विनीता ने दो पुत्र मांगे कुद्रू ने 100 सर्प पुत्र मांगे जो उनकी हर बात मानें |दोनों बहनों में ये शर्त लगी की जिनके पुत्र ज्यादा बलशाली होंगे वह दुसरे की दासता स्वीकार करेगी | कुद्रू के पुत्रों का जन्म हो गया लेकिन विनीता के पुत्र का जन्म हो ही नहीं रहा था | इस जल्दबाजी में विनीता ने अपने पहले पुत्र का अंडा फोड़ दिया |