कर्ण की दुविधा

जीवन में हमेशा दानवीर और औरों के बारे में सोचने से अक्सर लोग हमारा फायदा उठा लेते हैं |ऐसा ही कुछ कर्ण के साथ हुआ |उनके जीवन में बहुत उतार चड़ाव आये जिस कारण उनके मन में समाज के लिए एक द्वेष भावना मन में बस गयी | हांलाकि उन्होनें अपने को परिपक्व बनाया  लेकिन इस को  सिर्फ समाज को सबक सिखाने के लिए इस्तेमाल किया |इसी कारण महान होने के बावजूद भी वह उस ख्याति को प्राप्त नहीं कर सके जो अर्जुन को मिली |