लिप्त कालीयक तनों पर...

लो प्रिये हेमन्त आया!


लिप्त कालीयक तनों पर

सुरत उत्सव का प्रसाधन,

सुखकमल पर दिख रहा

कस्तूरिका का पत्र लेखन,

चिकुर कालागुरु सुगंधित

धूप से, यों तन सजाया

लो प्रिये हेमन्त आया!