श्रीकृष्ण
<p dir="ltr">जय श्रीकृष्ण </p>
<p dir="ltr">कुछ दिनो पहले कोई आया था।<br>
जम के धूम मचाया था।<br>
माखन भी खूब चुराया था।<br>
सब को नाच नचाया था।<br>
कुछ दिनो पहले........<br>
बाबा का था लल्ला प्यारा।<br>
मइआ के आंखों का तारा।<br>
बलदाऊ का छोटा भइआ<br>
गइआ भी खूब चराया था।<br>
कुछ दिनो पहले .........<br>
गोपिकाओं संग रास रचाया।<br>
फिर भी लाखो का मन भाया।<br>
सब जाने वह परमब्रह्म है<br>
सृष्टी वही बनाया था।<br>
कुछ दिनो पहले.......<br>
पता नहीं कितने असुरों को मारा।<br>
संग अपने मामा को संहारा।<br>
फिर छोड़ दिया मथुरा नगरी को<br>
द्वारिका वहीं बनाया था।<br>
कुछ दिनो पहले .........<br>
हजारों विवाह कर डाला उसने।<br>
एक मित्र भी बना डाला उसने।<br>
125 वर्षों के बाद<br>
पुनः ब्रम्ह मे सयाया था।<br>
कुछ दिनो पहले कोई आया था।<br>
जम के धूम मचाया था।</p>
<p dir="ltr">#श्रीकृष्ण #yqdidi #yqbaba #yqbhaijan #प्रिन्शु_लोकेश_तिवारी </p>
<p dir="ltr">कुछ दिनो पहले कोई आया था।<br>
जम के धूम मचाया था।<br>
माखन भी खूब चुराया था।<br>
सब को नाच नचाया था।<br>
कुछ दिनो पहले........<br>
बाबा का था लल्ला प्यारा।<br>
मइआ के आंखों का तारा।<br>
बलदाऊ का छोटा भइआ<br>
गइआ भी खूब चराया था।<br>
कुछ दिनो पहले .........<br>
गोपिकाओं संग रास रचाया।<br>
फिर भी लाखो का मन भाया।<br>
सब जाने वह परमब्रह्म है<br>
सृष्टी वही बनाया था।<br>
कुछ दिनो पहले.......<br>
पता नहीं कितने असुरों को मारा।<br>
संग अपने मामा को संहारा।<br>
फिर छोड़ दिया मथुरा नगरी को<br>
द्वारिका वहीं बनाया था।<br>
कुछ दिनो पहले .........<br>
हजारों विवाह कर डाला उसने।<br>
एक मित्र भी बना डाला उसने।<br>
125 वर्षों के बाद<br>
पुनः ब्रम्ह मे सयाया था।<br>
कुछ दिनो पहले कोई आया था।<br>
जम के धूम मचाया था।</p>
<p dir="ltr">#श्रीकृष्ण #yqdidi #yqbaba #yqbhaijan #प्रिन्शु_लोकेश_तिवारी </p>