तुम न आए तो क्या सहर न हुई

तुम न आए तो क्या सहर[1] न हुई
हाँ मगर चैन से बसर[2] न हुई
मेरा नाला[3]सुना ज़माने ने
एक तुम हो जिसे ख़बर न हुई

शब्दार्थ: