लपविला लाल गगन -मणि , परि...

अंक चवथा - प्रवेश पहिला - पद ४६

लपविला लाल गगन-मणि, परि दिन अशुभ होत नच,

दृष्टि न विफला; मगध-समरपति नव रवि उगवला ॥ध्रु०॥

(राग - तिलंग, ताल - त्रिवट. चाल - 'मोहेलीना नेक नजर यानी'.)