युद्धिष्ठिर का शीशा

एक दिन युधिष्ठिर को एक जादुई शीशा तोहफे में मिला | जब एक व्यक्ति उसके सामने खड़ा होता था तो उसे उस शक्स का चेहरा दिखता था जिसके बारे में वह सबसे ज्यादा सोचता है | पांडव और उनके साथी मज़े कर रहे थे | कुछ ने अपने प्रेमियों को , कुछ ने अपनी पतियों को को और कुछ ने सोने चाँदी के दर्शन किये |