हिरण्याक्ष और हिरण्यकशिपु को दिया वरदान
ब्रह्माजी ने ऋषि कश्यप के असुर पुत्र हिरण्याक्ष और हिरण्यकशिपु को अजर-अमर होने के वरदान दिया था जिसके चलते दोनों भाइयों ने संपूर्ण धरती पर अपना साम्राज्य स्थापित कर जल्दी ही खुद को ईश्वर घोषित कर दिया । चारों ओर हाहाकार मच गया । देवी-देवता, मानव-वानर आदि सभी परेशान हो गए थे।