दारुक असुर
एक बार दारुक नाम के असुर ने ब्रह्मा को प्रसन्न कर शक्तिशाली होने का वरदान प्राप्त किया और कहा कि मेरी मृत्यु किसी से भी न हो। ब्रह्मा ने जब अजर-अमर होने का वरदान देने से इंकार किया तो उसने कहा कि अच्छा ऐसा करें कि मेरी मृत्यु किसी स्त्री के हाथों से हो। ब्रह्मा ने कहा- तथास्तु। दारुक को घमंड था कि मुझे तो कोई स्त्री मार ही नहीं सकती।