कुछ तो है
<p dir="ltr">      "  कुछ तो है "<br>
Writer-Ram Lohar</p>
<p dir="ltr">तेरे इन सवालो को क्या समझु<br>
वफ़ा समझु या दगा समझु।</p>
<p dir="ltr">मेरी हर बात पर तू भी वेसे ही मुस्कराया करती है जैसे तेरी हर बात पर में मुस्कुरा दिया करता हु।</p>
<p dir="ltr">क्या तू भी मेरे नाम की स्पेलिग को वेसे ही छुपा दिया करती है।<br>
जेसे में मेरे साइन में तुझे छुपा देता हु।</p>
<p dir="ltr">क्या तुझे भी मेरी कमी वेसे ही महसूस होती है<br>
जेसे तेरे नाम को देख कर ही में चुप हो जाता हु।</p>
<p dir="ltr">क्या तुजे भी मेरी तलब वेसे ही है।<br>
जेसे मुझे सपने में भी  तेरी रहती है।</p>
<p dir="ltr">क्या तुझे भी मेरी वेसे ही आदते अच्छी लगती है ,<br>
जेसे मुझे तेरी हर आदत की आदत हो गयी है।</p>
<p dir="ltr">क्या तूने भी कभी वही सोचा है मेरे लिए<br>
जो में तेरे लिए हर रोज सोचा करता  हु।</p>
<p dir="ltr">क्या तू भी मेरे बारे में वेसे ही पुछा करती है,<br>
जेसे में  तेरे बारे में सब पुछा करता हु।</p>
<p dir="ltr">पर कुछ तो है यार.....</p>
<p dir="ltr">जो मेरे हर लब्ज पर तू होती है।<br>
 जेसे में तेरे लिए सोचता हु,क्या तू भी सोचती है?</p>
Writer-Ram Lohar</p>
<p dir="ltr">तेरे इन सवालो को क्या समझु<br>
वफ़ा समझु या दगा समझु।</p>
<p dir="ltr">मेरी हर बात पर तू भी वेसे ही मुस्कराया करती है जैसे तेरी हर बात पर में मुस्कुरा दिया करता हु।</p>
<p dir="ltr">क्या तू भी मेरे नाम की स्पेलिग को वेसे ही छुपा दिया करती है।<br>
जेसे में मेरे साइन में तुझे छुपा देता हु।</p>
<p dir="ltr">क्या तुझे भी मेरी कमी वेसे ही महसूस होती है<br>
जेसे तेरे नाम को देख कर ही में चुप हो जाता हु।</p>
<p dir="ltr">क्या तुजे भी मेरी तलब वेसे ही है।<br>
जेसे मुझे सपने में भी  तेरी रहती है।</p>
<p dir="ltr">क्या तुझे भी मेरी वेसे ही आदते अच्छी लगती है ,<br>
जेसे मुझे तेरी हर आदत की आदत हो गयी है।</p>
<p dir="ltr">क्या तूने भी कभी वही सोचा है मेरे लिए<br>
जो में तेरे लिए हर रोज सोचा करता  हु।</p>
<p dir="ltr">क्या तू भी मेरे बारे में वेसे ही पुछा करती है,<br>
जेसे में  तेरे बारे में सब पुछा करता हु।</p>
<p dir="ltr">पर कुछ तो है यार.....</p>
<p dir="ltr">जो मेरे हर लब्ज पर तू होती है।<br>
 जेसे में तेरे लिए सोचता हु,क्या तू भी सोचती है?</p>