मै तेरा लिबाज बन जाऊ
<p dir="ltr">कविता का शीर्षक है-"में तेरा लिबाज बन जाऊ"</p>
<p dir="ltr">लेखक-राम लोहार</p>
<p dir="ltr">गुलाब हु अभी, में गुलकंद बन जाऊ।<br>
शमा से ,सनम में शबनम बन जाऊ।</p>
<p dir="ltr">आरजू यही है मेरी,में तेरा लिबाज बन जाऊ<br>
में तेरा लिबाज बन जाऊ॥1॥</p>
<p dir="ltr">तू मुझ में ही जिन्दा रहे,में तुझ में ही समा जाऊ<br>
याद रखे तू मुझे हर दम ,कुछ ऐसा कर गुज़र जाऊ</p>
<p dir="ltr">में तेरा लिबाज बन जाऊ<br>
में तेरा लिबाज बन जाऊ॥2॥</p>
<p dir="ltr">तेरी चाहतो की कश्तियाँ तेरे जहाँ,में उस दरिया का नीर हो जाऊ<br>
में डगमाकर तेरी चाहतो को पार लगा जाऊ</p>
<p dir="ltr">में तेरा लिबाज बन जाऊ<br>
में तेरा लिबाज बन जाऊ॥3॥</p>
<p dir="ltr">तेरी हर सोच को सोचु, में तेरा विचार बन जाऊ<br>
दिखूं तेरी हर हरकत में, मै तेरा व्यवहार बन जाऊ</p>
<p dir="ltr">चाहत यही है अब मेरी की में तेरा लिबाज बन जाऊ<br>
में तेरा लिबाज बन जाऊ॥4॥</p>
<p dir="ltr">रहूँ साथ तेरे ,जब तक है रूँह साथ तेरे<br>
जले जब भी यह तो, में  तुझ से पहले  ही जल जाऊ</p>
<p dir="ltr">में तेरा लिबाज बन जाऊ<br>
में तेरा लिबाज बन जाऊ</p>
<p dir="ltr">लेखक-राम लोहार</p>
<p dir="ltr">गुलाब हु अभी, में गुलकंद बन जाऊ।<br>
शमा से ,सनम में शबनम बन जाऊ।</p>
<p dir="ltr">आरजू यही है मेरी,में तेरा लिबाज बन जाऊ<br>
में तेरा लिबाज बन जाऊ॥1॥</p>
<p dir="ltr">तू मुझ में ही जिन्दा रहे,में तुझ में ही समा जाऊ<br>
याद रखे तू मुझे हर दम ,कुछ ऐसा कर गुज़र जाऊ</p>
<p dir="ltr">में तेरा लिबाज बन जाऊ<br>
में तेरा लिबाज बन जाऊ॥2॥</p>
<p dir="ltr">तेरी चाहतो की कश्तियाँ तेरे जहाँ,में उस दरिया का नीर हो जाऊ<br>
में डगमाकर तेरी चाहतो को पार लगा जाऊ</p>
<p dir="ltr">में तेरा लिबाज बन जाऊ<br>
में तेरा लिबाज बन जाऊ॥3॥</p>
<p dir="ltr">तेरी हर सोच को सोचु, में तेरा विचार बन जाऊ<br>
दिखूं तेरी हर हरकत में, मै तेरा व्यवहार बन जाऊ</p>
<p dir="ltr">चाहत यही है अब मेरी की में तेरा लिबाज बन जाऊ<br>
में तेरा लिबाज बन जाऊ॥4॥</p>
<p dir="ltr">रहूँ साथ तेरे ,जब तक है रूँह साथ तेरे<br>
जले जब भी यह तो, में  तुझ से पहले  ही जल जाऊ</p>
<p dir="ltr">में तेरा लिबाज बन जाऊ<br>
में तेरा लिबाज बन जाऊ</p>